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मुस्कुराता हुआ चेहरा हर व्यक्ति को अच्छा लगता है लेकिन इसके लिए दांतों का खूबसूरत होना भी बेहद जरूरी है वरना मुस्कुराहट असरदार नहीं होगी। इस मुस्कुराहट को असरदार बनाना अब चिकित्सा जगत के अभिनव प्रयोगों से बेहद आसान हो गया है। ऑथोडोन्टिस्ट डॉ. एमएम शर्मा ने कहा ‘दूरियों को कम करने में मुस्कुराहट के महत्व से कोई इंकार नहीं कर सकता और इस मुस्कुराहट को आकर्षक बनाने में दांतों की बड़ी भूमिका होती है। मनुष्य के 32 दांत होते हैं जिनमें से 28 दांत वर्किंग टीथ होते हैं। पीछे की ओर के चार दांत चबाने के लिए प्रयुक्त होते हैं और मुस्कुराते समय ‘स्माइल विंडो’ से नजर भी नहीं आते। स्माइल विंडो से आगे के छह से दस दांत दिखते हैं और खूबसूरत मुस्कुराहट का राज भी इन्हीं में छिपा होता है।’ ऑथोडोन्टिस्ट डॉ. अमित शर्मा के अनुसार, अक्सर टेढ़े या आगे की ओर निकले दांतों को एक विशेष प्रकार के तार से बांध कर सही जगह लाने की कोशिश की जाती है। शुरू में यह तार लगाने पर मुंह में थोड़ी दिक्कत होती है और खिंचाव महसूस होता है। यही खिंचाव दांतों को सामान्य स्थिति में लाता है। खाते समय यह तार निकाला जा सकता है क्योंकि जिस तरह दांतों में फंसे अन्न कणों से दांत खराब हो सकते हैं उसी तरह इस तार में अगर अन्न कण फंस जाएं तो दांतों को नुकसान हो सकता है। दंत चिकित्सक मधु घई कहती हैं कि एक ही आकार के चमचमाते दांत जहां चेहरे को नैसर्गिक सौंदर्य प्रदान करते हैं वहीं टेढ़े दांतों से अच्छा खासा चेहरा खामी वाला नजर आता है। डॉ. मधु ने कहा कि अब टेढ़े-मेढ़े दांतों को सुधार कर सही करना संभव हो गया है। अगर दांतों का रंग पीला हो गया हो तो न केवल उन्हें सफेद किया जा सकता है बल्कि उनकी जगह, आकार और टेक्स्चर तक को सुधारा जा सकता है। यह सब इतनी सफाई से किया जाता है कि दांत और मुस्कुराहट बिल्कुल स्वाभाविक लगते हैं। डॉ. कपूर के मुताबिक अगर दांतों के बीच में गैप हो तो स्वाभाविक मुस्कुराहट के लिए इस गैप को बेहद सफाई से सिरेमिक की मदद से भरा जाता है। इसी तरह टूटा दांत या खराब दांत भी इम्प्लान्ट लगा कर दुरूस्त किया जा सकता है। तंबाकू खाने से या कभी किसी दवा की वजह से दांतों पर धब्बे बन जाते हैं जिन्हें ब्लीच से दूर किया जा सकता है। डॉ. शर्मा ने कहा कि आम तौर पर दांत अपनी जगह पर ही उगते हैं, लेकिन कभी कोई दांत अपनी जगह से थोड़ा हट कर उगता है। उसे उसकी सही जगह पर लगाया जा सकता है। यदि शिफ्टिंग मामूली है तो उसमें दो या तीन माह लगते हैं लेकिन अधिक दूरी पर इसे लगाना हो तो दो साल और अधिक समय भी लग सकता है। तंबाकू के सेवन या देखभाल में मामूली-सी लापरवाही की वजह से मसूड़ों पर भी धब्बे बन जाते हैं। इन्हें भी दूर किया जा सकता है। अगर दांतों का आकार सामान्य से अधिक लंबा हो तो उन्हें भी घिस कर ठीक किया जा सकता है।
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