उपवास का शरीर पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप व्रत के दौरान क्या खाते हैं। लबे समय तक भूखे रहने से वजन घटना, डायरिया, उल्टी, पेट में दर्द, पेशाब में जलन, पानी की कमी, रक्तचाप में कमी जैसे लक्षण दिख सकते हैं। नवरात्र में जो लोग पूरे नौ दिन के व्रत रखते हैं, उन्हें सुबह के समय फलों का जूस, नारियल पानी और सूखे मेवे खाने चाहिए। इससे एसिडिटी भी नहीं बनेगी।
ध्यान दें
1. तला भुना खाने की बजाय आहार में अधिक से अधिक तरल पदार्थ शामिल करें। लस्सी व फलों का रस लेने से देर तक भूख नहीं लगती और शरीर में नमी भी बनी रहती है।
2. तले हुए आलू की चाट बनाने की बजाय उबले हुए आलू की चाट खाएं। 3. खीर के स्थान पर दही में सभी फल काटकर खाएं।
4. आप समक के चावल की इडली और डोसा भी बना सकते हैं। यह सेहत के लिए भी बेहतर है।
5. दिन भर पानी पीते रहें। नारियल पानी और नींबू पानी पीने से शरीर के दूषित पदार्थ बाहर निकलते हैं।
6. कद्दू और लौकी की सब्जी भी बनाकर खा सकते हैं। इससे मुंह का जायका बना रहेगा।
7. भूख लगने पर कुट्टू की पकौडि़यां खाने की बजाए भुने हुए मखाने, मूंगफली, बादाम और अखरोट खाएं।
8. लबे उपवास में व्रत खोलने का तरीका भी मायने रखता है। यदि आपने नौ दिनों का उपवास रखा है, तो उपवास खोलने के बाद 18 दिनों तक अपने आहार और जीवनशैली का ध्यान रखें। शुरुआत में पानी व अन्य पेय पदाथरें पर ही जोर रहना चाहिए। उबली हुई सब्जिया व दाल का पानी फायदेमद होता है।
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