Saturday, 7 July 2012

कैसे भी मुंहासे हों, घर पर बने इस आयुर्वेदिक तेल से साफ हो जाएंगे

आयुर्वेद में मुहांसों को यौवन  पीडि़का भी कहा जाता है। यौवन पीडि़का यानी यौवन में पीड़ा देने वाली यह समस्या तकलीफ तो देती ही है साथ ही चेहरे भी भद्दा दिखाई देता है। इस उम्र में जिन्हें मुंहासों की समस्या हो उन युवाओं को अपने खाने में तेज मिर्च मसाले वाले, खट्टे तीखे पदार्थों को शामिल नहीं करना चाहिए।



दोनों वक्त, सुबह उठने के बाद और रात को सोने से पहले पेट साफ होना आवश्यक है। भोजन करते समय खाना ठीक से चबाना चाहिए। इतना करते हुए, मुहांसे ठीक करने के लिए, निम्रलिखित दवाई का सेवन करना चाहिए।

सामग्री-पलाश के फूल, लाल चंदन, लाख, मजीठ, मुलहठी, कुसुम, खस, पदमाख, नील, कमल,बड़ की जटा, पाकड़ की मूल, कमल केशर, मेंहदी, हल्दी, दारुहल्दी और अनन्तमूल-सभी 16 द्रव्य 50-50 ग्राम। तिल का तैल 200ml बकरी का दूध 200 ml और पानी 3 लीटर।



कैसे बनाएं-सब द्रव्यों को खूब कूट पीस कर महीन कपड़ छन चूर्ण कर लें। फिर तीन लीटर पानी में इन्हें इतनी देर तक उबालें कि पानी एक चौथाई बचे। इसे छान लें। अलग से केशर, मजीठ, मुलहठी, लाख व पतंग 10-10 ग्राम ले कर लुगदी बनाकर इसमें डाल दें। फिर तैल व बकरी का दूध डाल कर मंदी आंच पर पकाएं। जब पानी व दूध जल जाए, सिर्फ तैल बचे, तब उतार कर ठंड कर लें और छान कर बाटल में भर लें।



 मात्रा और सेवन विधि- अनामिका अंगुली से तैल मुहांसों पर लगा कर चेहरे को मलना चाहिए। एक बार सुबह स्नान करने से आधा घंटा पहले और दूसरी बार रात को सोने से आधा घंटा पहले इस तैल लगा कर मसाज करें।

Health is Wealth or We Can Say ...

Wealth in Health !!
Both are most important for one's life. But the truth, we knows and always feels that -
"Wealth is most important in Today's era, but without Health, no one can imagine to achieve and if we assume 1% then too, we can't enjoy this one" !!

बढ़ाएं स्मरणशक्ति

अगर आप अक्सर भूख से अधिक खाना खाने की गलती करते हैं तो सावधान हो जाएं। एक नए शोध में दावा किया गया है कि अधिक खाने से व्यक्ति की याददाश्त पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। अधिक खाने की वजह से होने वाले मैमोरी लॉस [याददाश्त पर पड़ने वाले असर] को माइल्ड कोगनिटिव इमपेयरमेंट [एमसीआइ] कहते हैं। इस स्थिति में अल्जाइमर का खतरा भी बढ़ जाता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, एकसाथ खाना खाने के बजाय थोड़े-थोड़े अंतराल पर खाते रहना चाहिए और भूख से कम भोजन करना चाहिए।
इनसे बढ़ती है याददाश्त
* सेब: रोज सेब खाने से स्मरण शक्ति बढ़ती है। सेब को बिना छीले खाना चाहिए।
* आंवला: विटामिन सी से भरपूर आंवले का मुरब्बा प्रतिदिन खाना चाहिए। इससे प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत होने के साथ स्मरण शक्ति बढ़ती है। आंवले की चटनी और कैंडी भी फायदेमंद है।
* अखरोट: रोज एक या दो अखरोट खाने से स्मरणशक्ति तेज होती है।
* शहद: शहद को हर रोज किसी न किसी रूप में लेने से याददाश्त अच्छी रहती है।
* बादाम: 10 बादाम रात को भिगो दें। सुबह छिलका उतारकर मक्खन और मिश्री मिलाकर एक-दो महीने खाने से याददाश्त मजबूत होती है।
* सौंफ: सौंफ को कूटकर एक चम्मच सुबह-शाम दो बार ठंडे पानी से या दूध से लें।

मालिश से दूर करें तनाव-थकान


व्यस्त जीवनशैली में तनाव और थकान होना आम बात है। ऐसे में मालिश आपको काफी राहत दे सकती है। कनाडा के हेमिल्टन में मैकमास्टर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक शोध में पाया कि व्यायाम के बाद मालिश कोशिकाओं में ऊर्जा का सचार करने और शरीर में सूजन कम करने में मददगार है।
मसाज के अन्य फायदे
* मालिश से लिवर को फायदा होता है, जो शरीर से विषैले पदार्थ दूर करने में मदद करता है। धावकों और खिलाड़ियों को आराम देने में मालिश थेरैपी सबसे कारगर मानी जाती है।
* शारीरिक और मानसिक तनाव दूर करने में मालिश का कोई जोड़ नहीं। इससे आपकी मासपेशिया ढीली पड़ जाती हैं और आप तरोताजा महसूस करने लगते हैं।
* जोड़ों के दर्द, पीठ दर्द या फिर तेज सिरदर्द के इलाज में मालिश काफी कारगर है।
* शरीर में खून का सचार दुरुस्त रहता है। रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
* व्यायाम के बाद मालिश दर्द को कम करती है।
* अनिद्रा दूर होती है और स्वाभाविक नींद आती है।
* मालिश के लिए तेल का चयन अपनी त्वचा के हिसाब से करें।
* मालिश से मोटे लोगों के शरीर की चर्बी कम हो जाती है।
* मालिश से त्वचा के रोमछिद्र खुलते हैं और त्वचा में चमक आती है।
* मालिश के लिए प्रात:काल का समय उपयुक्त होता है। मालिश हमेशा खाली पेट ही होना चाहिए।

Thursday, 5 July 2012

Welcome !!

Welcome to the HEALTH Blog, Worldwide...

Saturday, 30 June 2012

MUST READ BLOGs 4 ALL !!

Links (BLOGs) :: A Must Read ... ( सभी के पढने की खातिर, सही और सटीक जानकारी !! )

Bollywood Gossips || Tours & Travels || Event & Marriage Planning || Website Designing & Related Services || Online Promotion & Branding [SEO] || Olympic Games 2012, know more... || Health is Wealth [Great Tips] || Make Your Family Happier [Indian Tips] || KNOW YOUR "CELEBs" || Great Jobs, find in India ... || Download Free Website Templates || THE FOUNDATION :: Tips for Entrepreneurs || JOKES & CARTOON

रुचि के लिंक पर क्लिक करें | उदाहरण के लिए: यदि आप को "चुटकुले" पढने हैं तो  Jokes & Cartoon पर क्लिक करें ...

Tuesday, 19 June 2012

लू से न हों लस्त


छिटपुट छींटों के बावजूद उत्तर भारत के अधिकाश राज्यों में गर्म हवाओं या लू का प्रकोप जारी है। लू लगने पर लापरवाही बरतने पर जान पर भी बन आ सकती है।
लू क्या है
शरीर के तापमान के अचानक असामान्य रूप से बढ़ जाने को लू कहते हैं। जो लोग गर्मियों में खुले में बाहर रहकर काम करते हैं या बाहर निकलते हैं, उनमें लू लगने का जोखिम ज्यादा रहता है।
कारण
सामान्य तौर पर शरीर में स्वत: ही गर्मी उत्पन्न होती है। यह गर्मी पसीने के जरिये बाहर निकलती रहती है, लेकिन पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने से और तेज धूप में घूमने या शारीरिक श्रम करने पर यह गर्मी पसीने के जरिये बाहर नहीं निकल पाती। इस स्थिति में शरीर का तापक्रम सामान्य से कहींज्यादा बढ़ जाता है।
लक्षण
-तेज बुखार, जो 104 डिग्री फारेनफाइट या इससे अधिक हो सकता है।
-पसीना निकलना बद हो जाता है।
-त्वचा लाल रंग की और शुष्क हो जाती है।
-नाड़ी की गति असामान्य होकर बढ़ जाती है।
इलाज
-रोगी को ठंडे वातावरण में रखें।
-पीड़ित के सिर के अलावा उसके बदन के अन्य भागों पर ठंडे पानी की प˜ियों रखकर पोछें।
-रोगी को ठंडा पानी, नींबू पानी या फिर ओ.आर.एस. का घोल दें।
-तेज बुखार होने पर पैरासीटामॉल की टैब्लेट दी जा सकती है।
-अगर उपर्युक्त विधियों के बाद भी रोगी की स्थिति में सुधार न हो, तो फिर उसे निकटवर्ती अस्पताल ले जाएं।
ऐसे करें बचाव
-पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लें। घर से पानी पीकर बाहर निकलें।
-गर्म मौसम में अगर कठोर शारीरिक श्रम वाले कार्य करना जरूरी हैं, तो काम शुरू करने से पहले सिर पर कैप या छोटा टॉवेल रख लें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर कार्यरत हों।
-शरीर में पानी की कमी न होने दें। इसलिए कुछ वक्त के अंतराल पर पानी पीते रहें।
-शराब, कॉफी और चाय का सेवन न करें तो बेहतर रहेगा, क्योंकि इन पेय पदार्र्थो के सेवन से शरीर में पानी की कमी होती है।
---------- --