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Sunday, 8 July 2012

तपती गर्मी में भी खिली रहे सेहत

summer dieat
ग्रीष्म ऋतु चल रही है। इस ऋतु में सूरज की तेज किरणों से मनुष्य ही नहीं बल्कि सभी जीव-जंतु, वनस्पतियां, नदी, तालाब, कुएं आदि प्रभावित हुए बिना नहीं रहते। खासकर अप्रैल, मई एवं जून की गर्मी व्यक्ति को अधिक व्यथित करती है जिससे बचने के उपाय हमें करना अतिआवश्यक है। आइए आप और हम निम्न उपायों को अपना कर काफी हद तक गर्मी की दस्तक से बच सकते हैं। * इस मौसम में तेज लपट और झुलसा देने वाली गर्म हवा चलती है। इससे बचने के लिए जब भी हम घर से बाहर निकलें तो एक गिलास ठंडा पानी पीकर ही निकलें। चलते समय एक प्याज भी जेब में रख लें तो लू लगने से बचा जा सकता है। * दिन भर में कम से कम 10 से 15 गिलास पानी अवश्य पिएं। पानी पीने में कोताही नहीं बरतें, क्योंकि इस मौसम में हमारे शरीर का पानी पसीने के जरिए बह जाता है। शरीर में पानी की कमी न होने पाए इसलिए पानी का अत्यधिक उपयोग जरूरी ह * इस ऋतु में हमारी पाचन शक्ति अक्सर कमजोर हो जाती है। पाचन शक्ति ठीक से कार्य करे, इसके लिए तेज मिर्च-मसालेदार, तले हुए एवं गरिष्ठ भोजन से जहां तक हो सके परहेज करें। भूख से दो रोटी कम सेवन करें एवं पानी का उपयोग ज्यादा करें। * तेज धूप से बचाव करके ही घर से निकलें। विशेष कर सिर एवं त्वचा को किसी भी तरह से बचाएं। इसके लिए टोपी, स्कॉर्फ या ग्लव्स या गमछे का प्रयोग करें। * सूर्य की तेज धूप से आंखों को बचाने के लिए गहरे रंग के या सनग्लास चश्मों का प्रयोग हितकर होगा। अच्छी किस्म का सन्सक्रीन लोशन भी अवश्य प्रयोग में लाएं। * प्रातः जल्दी उठकर ताजी वायु का सेवन अवश्य करें। * गर्मी के मौसम में सूती वस्त्र ही पहनें, क्योंकि सूती वस्त्र पसीना सोखने में कारगर होते हैं। जहां तक हो सके, ठंडे पानी से ही स्नान करें। कहा भी गया है कि स्वास्थ्य ही जीवन है और स्वास्थ्य ही धन है। अगर आपने अपने खान-पान, रहन-सहन पर इस मौसम में ध्यान रखें तो गर्मी को रफूचक्कर कर सकते हैं।

वजन घटाने के लिए अच्छी हैं गर्मियां


नई दिल्ली। यदि आप अपने शरीर को सही अनुपात में लाना चाहते है और वजन घटाना चाहते है तो गर्मियों के दिन इसके लिए एकदम उपयुक्त है। गर्मियों की शुरुआत हो गई है और इस मौसम में छरहरा होने के लिए आपको डाइटिंग करने की जरूरत नहीं है।

दिल्ली स्थित मैक्स हेल्थकेयर की प्रमुख डाइटीशियन ऋतिका समादार बताती है कि इस मौसम में लोगों की खान-पान की आदतें स्वत: ही बदल जाती है। ''सर्दियों की तुलना में गर्मियों में वजन कम करना अधिक आसान है क्योंकि इस मौसम में अधिक व्यायाम किया जा सकता है। इस मौसम में शरीर की कार्य प्रणाली धीमी हो जाने की वजह से आप ज्यादा नहीं खाते है। साथ ही आप तरल पदार्थ ज्यादा लेते है जो शरीर से अशुद्ध पदार्थो को दूर करते है।''


वजन कम करने का सबसे आधारभूत तरीका यह है कि आप बार-बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन लें। अपने भोजन को सुबह के नाश्ते, दोपहर के भोजन, शाम के नाश्ते व रात्रिभोज में बांटे।

फोर्टिस हेल्थकेयर में चिकित्सकीय पोषण विभाग की प्रमुख निधि एस. यादव बताती है, ''दिन की शुरुआत हल्के गर्म पानी में शहद मिलाकर पीने के साथ करनी चाहिए। जो लोग चाय पीते है, वे एक प्याला चाय के साथ मारी बिस्कुट खा सकते है और दो या तीन अखरोट या बादाम ले सकते है।''

उन्होंने कहा, ''दो घंटे के अंतराल के बाद आप सलाद या फल ले सकते है। दोपहर के भोजन में दो विभिन्न अनाजों के आटे से बनी दो चपातियां, एक कटोरी दाल व हरी सब्जियां होना चाहिए। शाम के नाश्ते में एक प्याला चाय और इडली या ढोकला या भुना चना ले सकते है।''

उन्होंने बताया, ''रात्रिभोज में सब्जियों का सूप, ब्राउन ब्रेड या चपाती और सब्जी लेना चाहिए। यदि सोने के लिए जाने से पहले कोई भूख महसूस करे तो वह एक गिलास दूध ले सकता है।''

कैलोरीज को दूर रखने के लिए फल लेना जरूरी है लेकिन केला, आम और अंगूर जैसे फलों से बचना चाहिए क्योंकि उनमें कैलोरी की मात्रा ज्यादा होती है। तरबूज और संतरा ज्यादा बेहतर है। भोजन से 40 मिनट पहले या भोजन के दो घंटे बाद फल खाना चाहिए। यदि आप वजन कम करना चाहते है तो फलों का जूस पीने से बचें।

नेशनल डाइबिटीज, ओबेसिटी एंड कोलेस्ट्रॉल फाउंडेशन की पोषण एवं वसा अम्ल शोध प्रमुख स्वाति भारद्वाज कहती है कि वसा की अधिक मात्रा वाला दूध, तला-भुना खाने, शर्करा व मीठे उत्पादों, मैदा व मैदा से बनी चीजों जैसे समोसा, कचौड़ी व भटूरा खाने से बचना चाहिए।

भारद्वाज ने कहा कि लाल मांस का भी सेवन नहीं करना चाहिए। साबुत अनाज,  सब्जियां, साबुत दालें, सलाद, चिकन या मछली को भोजन में शामिल करना चाहिए।