Saturday, 3 March 2012

जाच परख कर खाएं खोया


होली का त्योहार नजदीक है। ऐसे में सबसे ज्यादा बाजार मिठाइयों का सज रहा है। इनमें अस्सी फीसदी मिठाइया खोए से बनती है। ऐसे में दुकानदार मुनाफा कमाने के लिए खोए में उबला हुआ आलू, शकरकंद, मैदा या अरारोट इत्यादि की मिलावट करने से परहेज नहींकरते। यह मिलावट सेहत केलिए खतरनाक है।
स्वास्थ्य को नुकसान
* आलू और शकरकंद मिला खोया खाने से पेट खराब हो जाता है। पाचन तत्र और आतों को नुकसान होता है।
* कब्ज, उल्टी, दस्त, पेटदर्द व गैस की बीमारी हो सकती है।
* लबे समय तक ऐसी मिठाइयों के इस्तेमाल से खून की कमी होने का डर भी रहता है।
* बच्चों के पाचन तत्र और नर्वस सिस्टम पर प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही शरीर में सूजन हो सकती है।
पहचान के तरीके
* सिथेटिक खोए को पानी में मिलाकर फेंटें तो वह टुकड़ों में बटकर अलग-अलग हो जाता है, जबकि असली खोया पतला होकर पानी में घुल जाएगा।
* असली खोया हाथ से रगड़ने पर चिकनाई छोड़ेगा।
* खोया असली होगा तो कच्चे दूध का स्वाद आएगा।
* मिठाई या खोए में टिंचर आयोडीन की 5-7 बूंदें और 5-7 दाने चीनी के बुरक दें और गरम करें। अगर खोए या मिठाई का रंग नीला हो जाए तो समझ लीजिए कि मिलावट है।
* मिठाई के टुकड़े पर हाइड्रोक्लोरिक एसिड की 5-6 बूंदें डालें। मिठाई का रंग गुलाबी हो जाए तो मिलावटी है।

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